Tag: Sandhi – संधि

Sanskrit : सामान्य संधि नियम 

सामान्य संधि नियम जैसे कि पहले बताया गया है, संस्कृत में व्यंजन और स्वर के योग से ही अक्षर बनते हैं । संधि के विशेष नियम हम आगे देखेंगे, पर उसका सामान्य नियम यह है कि संस्कृत में व्यंजन और स्वर आमने सामने आते ही वे जुड जाते हैं; पुष्पम् आनयति = पुष्पमानयति शीघ्रम् आगच्छति

Study Material – Hindi Grammar : Suffix – प्रत्यय की पूर्ण जानकारी

प्रत्यय- जो शब्दांश शब्दों के अंत में लगकर उनके अर्थ को बदल देते हैं वे प्रत्यय कहलाते हैं। जैसे-जलज, पंकज आदि। जल=पानी तथा ज=जन्म लेने वाला। पानी में जन्म लेने वाला अर्थात् कमल। इसी प्रकार पंक शब्द में ज प्रत्यय लगकर पंकज अर्थात कमल कर देता है। प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं- 1. कृत

Hindi Grammar : Sandhi – संधि ( Study Material – UPTET/CTET/UPBTC/B.el.ed/D.el.ed/UPB.ed…Other Teaching Exams

Sandhi – संधि(Hindi Grammar) संधि-संधि शब्द का अर्थ है मेल। दो निकटवर्ती वर्णों के परस्पर मेल से जो विकार (परिवर्तन) होता है वह संधि कहलाता है। जैसे-सम्+तोष=संतोष। देव+इंद्र=देवेंद्र। भानु+उदय=भानूदय। संधि के भेद-संधि तीन प्रकार की होती हैं- 1. स्वर संधि। 2. व्यंजन संधि। 3. विसर्ग संधि। 1. स्वर संधि दो स्वरों के मेल से होने